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Epic Vishnu Darshan | Agam Aggarwal Ft. Siddharth | Rap Song | Dashavatar | Jai Jagdish Hare

4 months ago 56

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Jai Jagdish Hare 🙏 Epic Vishnu Darshan is a powerful devotional rap praising Lord Vishnu and His Dashavatar — the protector who incarnates whenever Dharma declines. From Matsya to Kalki, Vishnu sustains creation, removes suffering, and guides devotees toward truth and balance. The chant “Jai Jagdish Hare” invokes faith, protection, and divine strength, reminding that Bhagwan Vishnu is present in every atom and every moment. Song - Epic Vishnu Darshan Singer - Agam Aggarwal feat. Siddharth Sharma Music - Agam Aggarwal Lyrics - Siddharth Sharma Video- GraphiEdit Images - Hitesh Rastogi Label - Times Music Spiritual Subscribe Now https://www.youtube.com/@ShemarooBhakti जय जगदीश हरे - अवतार सार ​मैंने अवतार लिया जब धरा भी धर्म विरुद्ध हो जाता था, मैंने अवतार लिया जब मनुष्य पुण्य विमुख हो जाता था। मैंने सब तार दिया, वो साधु संत जो तप पे सटे हुए, उन सब पर वार किया, जो जीवन धर्म के पथ से हटे हुए। ​अब जब संसार के सागर में सुख ढूंढ रहे कुछ, धबे यहीं कुछ हुए विफल जो मारे गए, कुछ हुए विफल जो रुके नहीं। चक्र में हुआ वही जो रचा गया, कुछ खोज रहे क्या मिला, अंत पर अंत सभी को मिला मैं ही। ​मुझी से वेद निकले हैं, जो गाए मुझी को शब्दों में, वो वेद मुझी को भजते हैं हर कल्प युगों के चक्रों में। उन वेद का सार भी मैं ही हूं, जीवन आहार भी मैं ही हूं, भौतिक संसार भी मैं ही हूं। ​तू तर्क के ढूंढता अर्थों में, ये स्पष्ट वत्स मुझ में ही, ये जीवन का बीज पनपता है, यह स्पष्ट वत्स मुझ में ही। वो चूहा अग्नि का जलता है, यह स्पष्ट मुझी में, पुण्य भोग और पाप कर्म भी फलता है। फल काल मृत्यु संग अंत सभी का मेरे समक्ष ही खिलता है। ​ ​जय जगदीश हरे, जय जगदीश हरे, जय जगदीश हरे, जय जगदीश हरे। हो भक्त जनों के संकट, दास जनों के संकट, क्षण में दूर करे, जय जगदीश हरे। ​ ​सतयुग का संघर्ष हुआ जब वेद विद्य का खंड हुआ, हैयग्रीव छुपाता मृत्युलोक में युगों का अंत अखंड हुआ। मैं मत्स्य रूप सर्म कुट धरे, कर शंख चक्र और पद्म, मैंने अवतार लिया जब भूमि सचल सम्राट मनु भी धन्य हुए। ​वो मैं ही था जब कूर्म बन के पर्वत के भार को सादा था, वो मैं ही था जब मोहिनी ने अमृत देवों में बांटा था। मोह लिया सभी को क्षण में मैंने और असुरों का सर काटा था। ​जब हिरण्याक्ष ने ब्रह्मा से वरदान लिए, धरा बहा दी जल में, वो मैं ही था जो सूकर (वराह) बन के धरा नाम से आया था। हिरण्याक्ष को तार मैंने दांतों से धरा को लाया था। ​मुख मेरा चारों ओर सखा, तू जहां भी देखे मैं ही हूं, मैं वायु बन के साथ तेरे और जल का स्वाद भी मैं ही हूं। मैं मिट्टी की सुगंध सखा, धरती की हर एक गंध में हूं, मैं विधि वेद सब यज्ञ में ही, विद्या के हर एक छंद में हूं। ​ ​उग्रम और वीरम में महाविष्णु अवतार मैं ही, चतम सर्वतो मुखम, चारों ओर प्रकाश मैं ही। नरसिंह भीषण भदम, भय और हित का स्रोत मैं ही, मृत्यु का मैं स्वामी सखा, मृत्यु का सत्य रूप मैं ही। ​मैं एक पग में धरती को नापा और दूसरे में ब्रह्मांड सदा, जब तीसरे को ना स्थान मिला तो देख रूप चरणों में गिरा। वामन के रूप में मैं ही था जो देख मुझे ना जान सका, राजा बली का मेहमान तोड़ा, गिर गया वहीं सर चरण रखा। ​वो मैं ही था जिसने 21 बार धरती को मुक्त कराया था, मैं हाथ में फरसा (परशुराम) लेके चला, ब्रह्मांड विजय दिलाया था। भयभीत मेरे सब नाम से थे, मैं भी धनुष टंक से ही, हाँ मैं ही हूं वो सखा जिसके द्वारा जीवन तेरा, मेरे द्वारा ही प्राण सखा। ​ ​मैं सहज सुशीला धर्मवीर, दशरथ का नंदन राम भी हूं, मैं सुंदर सा मुस्काने वाला, सीता का मैं प्राण भी हूं। उस दुष्ट असुर रावण का मैं काल भी हूं, भक्ति रस में जीवन बिताते उन संतों का कल्याण भी हूं। ​मैं हल चला के योद्धा कहाया, मैं हलधार बलराम भी हूं, मैं मुरली संग उधम मचाया, मैं गिरधर सुंदर श्याम भी हूं। मैं कली काल के रूप में दुर्योधन आदि का काल भी हूं, मैं अर्जुन के कानों में पढ़ता गीता का गुणगान भी हूं। ​मुकुट धरे तलवार लिए कल्कि के रूप में आऊंगा, मैं ही आऊंगा स्वयं सखा जब धर्म को हटते पाऊंगा। मैं कली काल का अंत करूं, ये युग भी जान ले मेरा है, मैं असुरों का संघार करूं, मेरे ही पास सवेरा है। ​जब युगों युगों में हानि हो और धर्म भी हो जब चूर सखा, जब दुख की वर्षा करने पर नीति भी हो मजबूर सखा। मैं तब-तब स्वयं ही आया हूं भक्तों का तारण करने को, आऊंगा मैं हर बार सखा सब दुख निवारण करने को। ​हम ऐसे हरि के दास बनें जिनकी लीला हर बार कहूं, जो अनंत शेष पे स्थित हैं, उनका अनंत गुणगान कहूं। मैं दास सिद्धार्थ पड़ा चरणों उनके, अनंत अवतार कहूं, अंत में करता दंडवत और बारंबार प्रणाम कहूं। Follow Us On - Facebook : https://www.facebook.com/ShemarooBhakti Twitter : https://twitter.com/ShemarooBhakti Instagram : https://www.instagram.com/shemaroobhakti Whatsapp : https://bit.ly/ShemarooBhaktiWhatsappChannel #EpicVishnuDarshan #JaiJagdishHare #Dashavatar #VishnuBhakti #VishnuMantra #BhaktiRap
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